Thursday, August 11, 2022
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चमोली ज़िला : महत्वपूर्ण जानकारियाँ

चमोली जिला परिचय (Chamoli District)

धार्मिक आस्था और प्रकृति की ख़ूबसूरती का केंद्र चमोली उत्तराखंड का एक महत्वपूर्ण ज़िला है। विश्व प्रसिद्ध ‘बद्रीनाथ धाम’ सहित अनेकों धार्मिक स्थल यहाँ पर मौजूद हैं। इन धार्मिक स्थलों के दर्शन तथा यहाँ के खूबसूरत वादियों को निहारने वर्ष भर यहां पर्यटकों का तांता लगा रहता है।

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चमोली उत्तराखंड का एक सीमांत जिला है जो कि मध्य हिमालय में स्थित है। जिले का मुख्यालय (District Headquarter) गोपेश्वर (Gopeshwar) में है। जिले की सीमा अंतरराष्ट्रीय सीमा तिब्बत से मिलती है. अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े होने के कारण चमोली जिला सामरिक दृष्टि से भी देश का एक महत्वपूर्ण जिला है।

जिले के बारे में  विस्तार में जानने से पहले आईये एक नजर डालते हैं जिले की कुछ महत्वपूर्ण जानकारियों पर… 

चमोली की महत्वपूर्ण जानकारियों पर एक नजर:

  • चमोली जिले का सृजन 24 फरवरी 1960 को हुआ था 
  • जिले का मुख्यालय गोपेश्वर में स्थित है.
  • चमोली जिले में कुलकुल तहसीलों की संख्या 12 हैं : चमोली, जोशीमठ, पोखरी, कर्णप्रयाग, गैरसैण, थराली, देवाल, नारायाणबगड़, आदिबद्री, जिलासू, नन्दप्रयाग, घाट
  • जिले में 3 विधानसभा क्षेत्र हैं :  बद्रीनाथ, कर्णप्रयाग और थराली
  • थराली विधानसभा क्षेत्र आरक्षित है.
  • जिले में 09 पुलिस स्टेशन हैं : गोपेश्वर, चमोली, कर्णप्रयाग, जोशीमठ, थराली, बद्रीनाथ, गैरसैण, पोखरी और गोविंदघाट
  • पर्यावरण की रक्षा के लिए विश्वविख्यात चिपको आंदोलन की शुरुआत सन 1970 में चमोली जिले से हुई थी.
  • चमोली जिले में स्थित फूलों की घाटी (Valley of Flowers) यूनेस्को के वर्ल्ड- हेरिटेज साइट (UNESCO World-Heritage Site) की लिस्ट में शामिल है।
  • बद्रीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, वसुधारा, फूलों की घाटी, औली चमोली जिले के प्रमुख आकर्षण और पर्यटन स्थल हैं.

पौराणिक मान्यताएं (Mythological belief of Chamoli district): 

बद्रीनाथ धाम :

ऐसी मान्यता है कि एक बार भगवान विष्णु तपस्या कर रहे थे तब इस दौरान भयंकर हिमपात होने लगा। खराब मौसम और हिमपात के कारण माता लक्ष्मी को भगवान के ध्यान में विघ्न होने की चिंता सताने लगी। भगवान के ध्यान में विघ्न ना हो इसलिए माता लक्ष्मी ने ‘बेर’ यानी ‘बद्री’ के पेड़ का रूप धारण कर इस स्थान पर भगवान को चारों तरफ से ढक लिया था।

जब भगवान विष्णु  का ध्यान पूर्ण हुआ तो उन्होंने देखा कि माता लक्ष्मी ने उनकी तपस्या को पूरा करने के लिए इतना बड़ा कष्ट सहा। माता लक्ष्मी की इस त्याग भावना से अत्यंत खुश होकर भगवान विष्णु ने माता लक्ष्मी को वरदान दिया। उन्होंने माता को वरदान दिया कि यह स्थान आज से ही उनके इसी ‘बद्री’ रूप के लिये जाना जाएगा। और यह स्थान ‘बदरीनाथ धाम’ (Badrinath Dham) के नाम से जाना जाने लगा।

महाभारत की रचना:

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आधुनिक गढ़वाल को पुराणों में केदारखंड के नाम से वर्णित किया गया है। वैदिक काल में चमोली जिला केदारखंड का हिस्सा था। मान्यता है कि महाभारत ग्रंथ की रचना भी केदारखंड में ही हुई थी। जिस स्थान पर भगवान गणेश ने व्यासों की रचना की वह स्थान (व्यास गुफा) बदरीनाथ के समीप माणा गांव के निकट है।  

आधुनिक चमोली:

पूर्व में 1960 तक चमोली पौड़ी गढ़वाल जिले का हिस्सा था। यह पौड़ी गढ़वाल जिले का एक तहसील हुआ करता था। 24 फरवरी 1960 को पौड़ी से अलग कर एक नए जिले ‘चमोली’ का सृजन किया गया। जिले की सीमा अंतरराष्ट्रीय सीमा तिब्बत से मिलती है। इसके अलावा चमोली की सीमाएं पूर्व में पिथौरागढ़ – बागेश्वर,  पश्चिम में रुद्रप्रयाग -उत्तरकाशी, दक्षिण में अल्मोड़ा- पौड़ी गढ़वाल से मिलती है।

पर्यटन (Tourist places of chamoli district):

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चमोली जिले कई ऐतिहासिक और खूबसूरत किले मौजूद हैं । हर वर्ष हजारों पर्यटक यहां पर पर्यटन, ट्रैकिंग और धार्मिक यात्रा के लिये आते हैं। यहां के प्रमुख पर्यटन स्थल है: बदरीनाथ, तप्त कुंड, हेमकुंड साहिब, पंच प्रयाग, देवप्रयाग, विष्णुप्रयाग, भविष्य बद्री, आदिबद्री, रुद्रनाथ मंदिर, औली और फूलों की घाटी।

यह जिला धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण जिला है। यह जिला ट्रैकिंग(Trecking) और एडवेंचर टूरिज्म(Adventure Tourism) के शौकीन लोगों की सबसे पसंदीदा जगहों में से एक है।

बद्रीनाथ धाम (Badrinath dham)

भगवान विष्णु को समर्पित बद्रीनाथ धाम हिंदुओं का प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह धाम हिमालय के सबसे पुराने तीर्थों में से एक है।  इसे विष्णुधाम के नाम से भी जाना जाता है जाता है। बद्रीनाथ धाम मंदिर में भगवान श्री विष्णु पद्मासन की मुद्रा में विराजमान है। धाम में मुख्य मूर्ति के पास अन्य अनेक मूर्तियां विराजमान हैं। जिनमें नारायण, उद्ववजी, कुबेर व नारदजी की मूर्ति प्रमुख है। मंदिर के समीप ही एक तप्तकुण्ड स्थित है जिसमें श्रद्धालु स्नान और पूजा करते हैं। इस कुंड का पानी सदैव गरम रहता है।  

हेमकुंड साहिब (Hemkunt Sahib)

सिख धर्म के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक हेमकुंट साहिब (Hemkund Sahib) चमोली जिले में ही स्थित है। यह समुद्र तल से 4329 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहाँ हर वर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु इस पवित्र स्थल के दर्शन के लिए आते हैं। ऐसी मान्यता है कि सिखों के दसवें गुरू ‘गुरू गोविन्द सिंह जी’ ने यहां पर तपस्या की थी। यहां घूमने के लिए सबसे अच्छा समय जुलाई से अक्टूबर है।

वसुधारा (Vasudhara)

वसुधारा चमोली जिले का बेहद खास आकर्षण है। यह माणा गाँव से 5 किमी की दूरी पर स्थित है। यहां पर हिमाच्छादित चोटियों और ऊँची चट्टानों से घिरा 145 मी० ऊँचा झरना है। झरने से गिरता हुआ पानी बेहद ही मनोरम और आकर्षक होता है।  

फूलों की घाटी (Valley of Flowers)

फूलों की घाटी (Valley of Flowers) एक राष्ट्रीय उद्यान है। यह यूनेस्को के वर्ल्ड- हेरिटेज साइट (UNESCO World-Heritage Site) की लिस्ट में शामिल है। यहां पर भ्रमण के लिये जुलाई, अगस्त व सितंबर के महीनों को सर्वोत्तम माना जाता है। नवम्बर से मई माह के मध्य घाटी सामान्यतः हिमाच्छादित रहती है। यहां पर दुर्लभ ब्रह्मकमल को आसानी से देखा जा सकता है जो कि सितंबर माह में खिलते हैं। इसे फ्लॉवर नेशनल पार्क के नाम से भी जाना जाता है। फ्लावर नेशनल पार्क ‘वर्ल्ड हेरिटेज साइट’(World Heritage Site) की सूची में शामिल है।

औली (Auli)

औली(Auli) chamoli ज़िले में स्थित एक बेहद ही खूबसूरत पर्यटन स्थल है। इसे औली बुग्याल (Auli Bugyal ) के नाम से जाना जाता है। सर्दियों में यहाँ पर लगभग 3 मी मोटी बर्फ की चादर बिछ जाती है और यह विंटर गेम्स (Winter Games) के मैदान में तब्दील हो जाता है। औली में आयोजित होने वाला स्कीइंग (Skiing in Auli) महोत्सव देश विदेशों से बड़ी संख्या से स्कीईंग के शौकीन और पर्यटकों को यहाँ आकर्षित करता है। यहाँ पर सैलानी बर्फ़बारी के साथ अन्य विंटर गेम्स (winter games), केबल कार सवारी, रोप लिफ्ट की सवारी का भी आनंद लेते हैं। यहाँ से नंदादेवी, कमेट तथा दूनागिरी जैसे विशाल पर्वत चोटियों के मनोरम दृश्य दिखाई देते हैं।

कैसे पहुंचे (How to Reach Chamoli)

सड़क मार्ग :

चमोली उत्तराखंड राज्य के प्रमुख स्थलों के साथ मोटर सड़कों से जुड़ा हुआ है। चमोली दिल्ली से 439 किलोमीटर (Delhi to Chamoli distance 439 km) दूर और देहरादून शहर से 250 किलोमीटर (Dehradun to Chamoli distance 250 km) दूर स्थित है। ऋषिकेश और श्रीनगर के लिए आईएसबीटी कश्मीरी गेट- दिल्ली से बसें आसानी से उपलब्ध हैं।  गोपेश्वर, कर्णप्रायग और रुद्रप्रयाग चमोली के सबसे निकटतम शहर हैं। 

हवाई यात्रा:

यहां से सबसे नजदीकी हवाई अड्डा जॉली ग्रांट हवाई अड्डा (Jolly Grant Airport )है। यहां से सड़क मार्ग द्वारा आसानी से चमोली पंहुचा जा सकता है।

रेलमार्ग :

ऋषिकेश रेलवे स्टेशन चमोली का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन है। यह चमोली से 202 किमी की दूरी पर स्थित है। ऋषिकेश भारत के प्रमुख रेलवे नेटवर्क से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।

जनसांख्यिकी एवं अन्य जानकारी

जिला : चमोलीक्षेत्रफल : 8,030 Sq. Km
मुख्यालय : गोपेश्वरजनसंख्या : 391,605
तहसील : 12पुरुष : 193,991
विकास खंड: 09महिला : 197,614
पुलिस स्टेशन : 09जनसंख्या घनत्व : 49
विधानसभा क्षेत्र : 03वेबसाइट : https://chamoli.gov.in

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