Thursday, August 11, 2022
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धर्म नगरी हरिद्वार का पौराणिक महत्व एवं ज़िले की अन्य जानकरियाँ

हरिद्वार

धर्म नगरी के नाम से विश्वविख्यात हरिद्वार उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल में स्थित है। सभी पापों को हरने वाली मोक्षदायिनी गंगा नदी के तट पर बसा हरिद्वार हिंदुओं के प्रमुख तीर्थों में से एक है। हरिद्वार वह स्थान है जहां मोक्षदायिनी पवित्र गंगा गोमुख हिमालय से होती हुई मैदानी क्षेत्र में प्रवेश करती है और समस्त जीवो के कष्टों को दूर करती है।

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हर दिन हजारों तीर्थयात्री यहां आकर गंगा में स्नान कर कष्टों और पापों से मुक्ति पाते हैं। हरिद्वार कई महात्माओं और ऋषि मुनियों की तपोस्थली भी रही है।

पौराणिक महत्व

धर्म नगरी हरिद्वार के संबंध में अनेकों पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं। इनमें से एक पौराणिक मान्यता के अनुसार, ‘ऋषि कश्यप’ पुत्र ‘गरुड़’ अपनी मां ‘विनता’ जो कि अपनी सौतन ‘कद्रू’ की दासी थी, उनको मुक्त कराने के लिए अमृत कलश को लेकर जा रहे थे। तभी उस अमृत कलश से कुछ बूंदें धरती पर गिर गई थी। जहां-जहां पर अमृत की बूंदे गिरी वहां पर तीर्थ-स्थलों की स्थापना हुई। ये तीर्थ-स्थल उज्जैन, हरिद्वार, नासिक, और प्रयाग में स्थापित हुये। 

एक अन्य मान्यता के अनुसार भगीरथ जब गंगा को धरती पर ला रहे थे तो इसी स्थान पर आकर गंगा मैया ने भगीरथ के पूर्वजों को पापों से मुक्त किया था। तभी से ही हरिद्वार में अस्थियों के विसर्जन की परंपरा भी शुरू हुई। मान्यता के अनुसार यहां पर अस्थियों को विसर्जित करने से मृत व्यक्ति को सभी पापों से मुक्ति मिलती है।

हरिद्वार को चार धाम यात्रा का प्रवेश द्वार माना जाता है। प्रत्येक 12 वर्ष में यहां पर महाकुंभ मेले का आयोजन होता है। हिंदू धर्म के सबसे बड़े धार्मिक अनुष्ठानों में से एक महाकुंभ को देखने देश-विदेशों से करोड़ों लोग यहां आते हैं। इसका आयोजन प्रत्येक 3 वर्षों के बाद क्रमशः उज्जैन, हरिद्वार, नासिक, और प्रयाग में होता है। 

हरिद्वार जिला

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पूर्व में हरिद्वार सहारनपुर डिविजन का एक जिला था। सन 2000 में उत्तराखंड राज्य के गठन के बाद हरिद्वार नवनिर्मित उत्तराखंड राज्य का हिस्सा बना। इसे गढ़वाल जिले में शामिल किया गया। यह ज़िला धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण तो है ही इसके अलावा हरिद्वार उत्तराखंड का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र भी है।

बड़े-बड़े औद्योगिक केंद्रों के साथ-साथ जिले में कई नामी शिक्षण संस्थान भी मौजूद हैं। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की, कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, विश्व संस्कृत विद्यालय आदि हरिद्वार जिले के प्रमुख शिक्षण संस्थान हैं। योग के प्रचार-प्रसार के लिए विश्व प्रसिद्ध पतंजलि योगपीठ भी हरिद्वार में ही स्थित है।

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हवाई सेवाओं के लिए हरिद्वार से निकटतम हवाई अड्डा जॉली ग्रांट हवाई अड्डा है। निकटतम रेलवे स्टेशन हरिद्वार में ही स्थित है।

जनसांख्यिकी एवं अन्य जानकारी

जिला : हरिद्वारक्षेत्रफल : 2,360 Sq. Km
मुख्यालय : हरिद्वारजनसंख्या : 1,890,422
तहसील : 04पुरुष : 1,005,295
विकास खंड: 06महिला : 885,127
नगर पालिका : 02जनसंख्या घनत्व : 801
विधानसभा क्षेत्र : 09वेबसाइट : https://haridwar.nic.in/

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